Dams · Rivers

Travelling through Ramganga and Nayaar Rivers Basin

Fed by Dudhatoli forest range, the Ramganga West and Nayaar East and West in Uttarakhand are perennial rivers of immense scenic beauty amid emerging and looming threats. This photo blogs highlights some of the charms and concerns of these non-glacial rivers of the Ganga Basin.

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Dams · Water

विश्व पर्यावरण दिवस 2020: उत्तराखंड में गांव के जल स्रोतों के संरक्षण में जुटे पोखरी के युवा

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में प्राकृतिक जल स्रोत हजारों गांवों की जल जीवन रेखा है। इन्हें पन्यारा, नौला, छौई, धारा इत्यादि नामों से जाना जाता है। यह जल स्रोत प्राचीन समय से ही गांव में पीने एवं अन्य घरेलू आवश्यकताओं के लिए जलापूर्ति का मुख्य जरिया रहे हैं।

दुख की बात है कि बदलते दौर, जीवनशैली में आए बदलाव और पाइपलाइन आधारित पेयजल आपूर्ति के चलते, ये धरोहर पहाड़ समाज की अनदेखी और सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। अगर इन जल स्रोतों को सहेजा जाये तो ये आज भी उतने ही प्रभावी एवं उपयोगी साबित हो सकते हैं।  पौड़ी गढ़वाल के पोखरी गांव के युवाओं का इसी  दिशा में एक काबिलेतारीफ प्रयास है। विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम प्रकृति का समय[i] के अवसर हमने महसूस किया कि इन युवाओं का प्रयास सबके सामने उजागर किये जाने लायक है।  

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Dams · Water

WED 2020: Uttarakhand workers return to revive traditional water sources

Traditional water sources have been water life line for most of villages in hill areas of Uttarakhand. Known as Panyar, Naula, Chhoi, Dhara these fresh water sources, springs have been serving rural population with potable and other domestic water requirements since time immemorial.  We thought this is possibly an appropriate story on this World Environment Day 2020 on June 5 with appropriately fitting theme “Time for Nature”.[i]

Sadly, with changing time, lifestyle and introduction of tap water facilities these water sources and structures have been facing negligence of users and apathy of government. These time proven water sources can still serve the people if restored and taken proper care by village communities. The story of Pokhri village in Pouri Garhwal district in Uttarakhand is a step in this direction.

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Cloud Burst

चौथान में बादल फटा; स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन पौड़ी को नहीं पता

गत 23 जून 2019 को, उत्तराखंड की चौथान पट्टी में तेज और असामान्य बरसात हुई। थलीसैंण तहसील के अंतर्गत लगने वाली चौथान पट्टी में 72 गांव आते हैं। पौड़ी जिले के दूरस्थ क्षेत्र में बसी चौथान पट्टी, दूधातोली आरक्षित वन के बफर जोन के आस पास बसी हुई है।  साथ में यह पट्टी अल्मोड़ा और चमोली जिले की सीमाओं से सटी हुई है। 

(“इति जोरग बरख लागि छ, हम भैर-भीतर नि अय स्की, हमूल अपण जमन मै यैस अंधकोप नी देख, हमूल  जाण याल छ, गाढ़-गेदरयुग गुगाट, जरूर कखि ढोल-फ़ोल करल”) “इतने जोर से बारिश हुई थी कि हम लोग घरों में कैद हो गए। हमारी याद में ऐसी घनघोर बरसात पहले कभी नहीं हुई। गाड़ गदेरों में आई बाढ़ की गड़गड़ाहट से ही हम समझ गए थे, कहीं कुछ नुकसान जरूर होगा”, स्यूंसाल गांव की एक बुजुर्ग महिला ने बताया।

बारिश रविवार शाम लगभग तीन बजे के शुरू हुई और करीब दो घंटे तक लगातार चलती रही। अतिवृष्टि के दो बाद ग्रामीण लोग इसे बादल फटने की घटना मान रहे हैं और इलाके में इससे हुए नुकसान की सूचनाएं किस्तों में मिल रही है। 

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Cloud Burst

‘CLOUD BURST’ in Chouthan; NO RAIN says Disaster Control Room Pouri Garhwal

Heavy and unusual rainfall struck, Chauthan Patti, on June 23, 2019. The region is comprised of 72 villages in Thailisain Tehsil of Pouri Garhwal, Uttrakhand. The remote mountain region is settled in and around buffer zone of Dudhatoli reserve forest. It also borders the Almora and Chamoli districts of Uttarakhand.

(“इति जोरग बरख लागि छ, हम भैर-भीतर नि अय स्की, हमूल अपण जमन मै यैस अंधकोप नी देख, हमूल  जाण याल छ, गाढ़-गेदरयुग गुगाट, जरूर कखि ढोल-फ़ोल करल”) “It rained so heavily that we could not move from inside-out vice a versa, we had never seen such a heavy downpour in our lifetime, the streams were full and roaring, we had guessed, it would certainly cause damages” said an elderly woman of Syunsal village, in Garhwali language.

The rain lasted for about two hours beginning around 3 pm. Two days after the deluge, which many villagers are now terming as cloud burst, the details of damages is coming out, though in piece meal.

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