DRP News Bulletin

DRP News Bulletin 3 Dec. 2018: Ken Betwa Link; Push to Dilute Forest Clearance Conditions

Ken Betwa river interlinking project is back to drawing board with Union water resources ministry approaching the ministry of environment and forest to relax conditions imposed as part of forest clearance accorded in May 2017 for diversion of forest in the Panna Tiger reserve (PTR).

Forest Advisory Committee (FAC) while according Stage-I clearance to the project had recommended that the project proponent and state govt should consider equivalent non-forest area (6,017 ha) adjoining to PTR from the revenue and private land and add to the PTR as a part of core/corridor (for tiger movement) with other areas or satellite core area. According to water resources ministry, they are unable to find land adjoining to PTR.

Will the forest department buckle under pressure to dilute the forest clearance conditions?  http://www.newindianexpress.com/thesundaystandard/2018/nov/25/first-river-linking-project-coming-undone-1902890.html  (25 Nov. 2018)

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Dams · Rivers

अनुपम मिश्र मेमोरियल मैडल 2018 से सम्मानित अरुण तिवारी जी से बातचीत

श्री अरुण तिवारी जी वरिष्ठ पत्रकार-लेखक हैं। आप  लगभग पिछले तीन दशकों से नदियों को बचाने और जल संरक्षण के लिए उल्लेखनीय लेखन कार्य करते आ रहे हैं। आपका पानी पोस्ट हिंदी ब्लॉग काफी चर्चित है जिसपर आप नियमित तौर पर नदियों और पानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं और समकालीन विषयों पर जानकारियां साँझा करते रहते हैं।  आपके अनवरत प्रयासों को देखते हुए आपको 25 नवंबर 2018 को अनुपम मिश्र मेमोरियल मैडल से सम्मानित किया है। आपके विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए, प्रस्तुत है,  भीम सिंह रावत,  SANDRP द्वारा आपके साथ ईमेल के जरिये हुए बातचीत के प्रमुख अंश।  

अनुपम मिश्र मेमोरियल मैडल देश में नदी संरक्षण पर उत्कृष्ठ मीडिया काम के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान प्रख्यात पर्यावरणविद और गांधीवादी स्व. अनुपम मिश्र की स्मृति में, वर्ष 2017 से, इंडिया रिवर्स फोरम (भारतीय नदी जनसभा) के द्वारा वार्षिक तौर पर आयोजित भारतीय नदी दिवस के अवसर पर दिया जाता है।

भीम सिंह रावत: अनुपम मिश्र मैमोरियल मैडल के लिए बधाई। आप पिछले तीन दशकों से निरंतर अपने लेखन से नदियों की दुर्दशा और संरक्षण की ज़रूरत का मुद्दा उठाते रहे हैं। आज नदियों की क्या स्थिति है ? नदियों पर मुख्य संकट क्या है ?

अरुण तिवारी नदियां, पृथ्वी की नसें हैं। ये नसें निरंतर सिकुड़ रही हैं। नीली की बजाय, काली, पीली और भूरी पड़ती जा रही हैं। भारत में यह चित्र तेजी से बढ़ रहा है। 

नदी संकट के नाम पर प्रदूषण, वैश्विक तापमान में वृद्धि आदि कई कारणों को गिनाया जा सकता है, लेकिन भारतीय नदियों पर आसन्न प्रमुख संकट यह है कि हम नदियों की बहने की आज़ादी को तेज़ी के साथ छीनते जा रहे हैं। नदियां आज़ाद बहें; इसके लिए ज़रूरी है कि हम अपनी नदियों को उनका प्रवाह, उनका वेग, उनकी भूमि तथा प्रवाह के उनके साथी वापस लौटाएं। 

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Dams

Odisha Drought Profile-2016 

Odisha has many rivers, vast forest cover and it receives above average rainfall annually. But, greed for minerals beneath the land and destruction wreaked by industries hungry to exploit the resources of the state have slowly choked the natural environment of the state. Most farm holdings are small or marginal dependent on the rains for irrigation. The deficit rains in 2015-16 pushed the state over the edge. The state is facing extensive crop loss and severe water shortage. Even after exploiting its resources to the hilt, the people of the state have not been provided with piped water supply. In many ways, the drought in Odisha is man made.

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